गवर्नमेंट का नया 'डिजिटल सिटिज़न बिल' बना टेंशन, अपोजिशन ने किया विरोध

Politics49 mins agoSource: National Voice
गवर्नमेंट का नया 'डिजिटल सिटिज़न बिल' बना टेंशन, अपोजिशन ने किया विरोध

रूलिंग पार्टी के 'डिजिटल सिटिज़न बिल' पर बहुत बड़ा डिबेट शुरू हो गया है। अपोजिशन लीडर्स इसे प्राइवेसी पर अटैक बता रहे हैं।

गवर्नमेंट ने आज अपना कंट्रोवर्शियल 'डिजिटल सिटिज़न बिल' आगे बढ़ाया है। इसका एम ऑनलाइन सर्विसेज़ को बेहतर बनाना और डेटा सिक्योरिटी को स्ट्रॉंग करना है। लेकिन, ये बिल आते ही नेशनल पॉलिटिक्स में एक बड़ा इश्यू बन गया है, अपोजिशन पार्टीज और सिविल राइट्स ऑर्गेनाइजेशन्स ने इसकी जमकर क्रिटिसिज्म की है। उनका कहना है कि इसके कुछ प्रोविज़न्स से गवर्नमेंट की निगरानी बढ़ सकती है और पर्सनल प्राइवेसी को डैमेज हो सकता है।

पार्लियामेंट के एक गरम सेशन में, कई अपोजिशन MP प्रोटेस्ट में वॉकआउट कर गए। उन्होंने मांग की कि इस बिल का ज्यादा रिव्यू हो और पब्लिक से कंसल्टेशन किया जाए। उनका क्लेम था कि बिल को जल्दी-जल्दी पास किया जा रहा है, जबकि इसका लाखों सिटिज़न्स की डिजिटल लाइफ पर बड़ा इम्पैक्ट हो सकता है। रूलिंग पार्टी ने कहा कि ये बिल नेशनल सिक्योरिटी और मॉडर्न गवर्नेंस के लिए बहुत इम्पोर्टेंट है।

लीगल एक्सपर्ट्स और टेक पॉलिसी एनालिस्ट्स अभी बिल के क्लॉज़ेज़ को स्टडी कर रहे हैं। कुछ लोग मानते हैं कि बढ़ती ऑनलाइन दुनिया में नए डिजिटल रेगुलेशंस की ज़रूरत है, वहीं दूसरे लोग गवर्नमेंट एजेंसीज़ को मिलने वाली इतनी पावर पर सीरियस कंसर्न्स दिखा रहे हैं। आने वाले वीक्स में ये डिबेट और तेज होने की उम्मीद है, जिससे एक बड़ा पॉलिटिकल शोडाउन दिख सकता है।