150 कंट्रीज ने साइन किया हिस्टोरिक क्लाइमेट अकोर्ड, एमिशन कम करने का प्रॉमिस
ग्लोबल एनवायरनमेंट के लिए आज एक बड़ा दिन है, जब 150 कंट्रीज ने जिनेवा में "ग्रीन फ्यूचर अकोर्ड" साइन किया। सबने 2040 तक कार्बन एमिशन कम करने का प्रॉमिस किया है। इस एग्रीमेंट में रिन्यूएबल एनर्जी और सस्टेनेबल प्रैक्टिसेस पर फोकस किया गया है।
जिनेवा में हुए एक समिट में दुनिया भर के लीडर्स ने "ग्रीन फ्यूचर अकोर्ड" साइन किया है, जो क्लाइमेट चेंज से लड़ने में एक बहुत बड़ा स्टेप है। इस हिस्टोरिक इंटरनेशनल एग्रीमेंट में 150 कंट्रीज ने 2040 तक अपने कार्बन एमिशन को एवरेज 30% तक कम करने का प्रॉमिस किया है। हर कंट्री के लिए उसकी इकोनॉमिक कैपेसिटी और करंट एमिशन लेवल्स के हिसाब से स्पेसिफिक टारगेट्स सेट किए गए हैं।
इस अकोर्ड के मेन पॉइंट्स में रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े इन्वेस्टमेंट्स, डेवलपिंग कंट्रीज को फॉसिल फ्यूल्स से दूर जाने में हेल्प करने के लिए एक ग्लोबल फंड, और इंडस्ट्रियल पोल्यूशन पर स्ट्रिक्ट रेगुलेशंस शामिल हैं। डेलीगेट्स को उम्मीद है कि यह कलेक्टिव एफर्ट एक सस्टेनेबल ग्लोबल इकोनॉमी की तरफ शिफ्ट को स्पीड देगा और क्लाइमेट चेंज के सबसे सीरियस इफेक्ट्स को कम करेगा।
हालांकि इस अकोर्ड को एनवायरनमेंटल ऑर्गेनाइजेशंस और कई वर्ल्ड लीडर्स ने बहुत प्रेज़ किया है, कुछ क्रिटिक्स का कहना है कि ये टारगेट्स, भले ही एंबिशियस हों, शायद क्लाइमेट क्राइसिस को रोकने के लिए इनफ नहीं होंगे। फिर भी, इतनी सारी और अलग-अलग कंट्रीज के बीच बनी यह सहमति, ह्यूमैनिटी के सबसे बड़े चैलेंज में से एक को एड्रेस करने की स्ट्रांग पॉलिटिकल विल दिखाती है।