इंडियन गवर्नमेंट ने लॉन्च किया नया AI पॉलिसी फ्रेमवर्क!
इंडियन गवर्नमेंट ने अपना नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पॉलिसी फ्रेमवर्क जारी किया है। इसमें AI सेक्टर के लिए रूल्स और इन्वेस्टमेंट प्लान्स बताए गए हैं। इसका गोल इंडिया को AI में ग्लोबल लीडर बनाना है।
नई दिल्ली – इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज की पावर को यूज़ करने के लिए एक बड़े स्टेप में, इंडियन गवर्नमेंट ने आज अपना बहुत टाइम से अवेटेड नेशनल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पॉलिसी फ्रेमवर्क लॉन्च किया। यह कॉम्प्रिहेंसिव डॉक्यूमेंट, जिसे इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स, एकेडेमिक्स और स्टेकहोल्डर्स के साथ एक्सटेंसिव कंसल्टेशंस के बाद डेवलप किया गया है, इंडिया को AI इनोवेशन और एप्लीकेशन के लिए एक ग्लोबल हब बनाने का विजन बताता है।
यह पॉलिसी कई मेन पिलर्स पर फोकस करती है, जिसमें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप्स के थ्रू रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा देना, एक स्किल्ड AI वर्कफोर्स बनाना, एथिकल कंसिडरेशंस और डेटा प्राइवेसी को इंश्योर करना, और हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और गवर्नेंस जैसे क्रिटिकल सेक्टर्स में AI एडॉप्शन को प्रमोट करना शामिल है। गवर्नमेंट ने AI स्टार्टअप्स और रिसर्च इनिशिएटिव्स के लिए एक बड़ा इन्वेस्टमेंट फंड भी अनाउंस किया है, जिसका गोल एक रोबस्ट इकोसिस्टम बनाना है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर, श्री रवि कुमार ने कहा, "यह फ्रेमवर्क सिर्फ टेक्नोलॉजी के बारे में नहीं है; यह हमारे सिटीजन्स को एम्पावर करने, रियल-वर्ल्ड प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने और डिजिटल ऐज में इंडिया की लीडरशिप को इंश्योर करने के बारे में है।" पॉलिसी 'रेस्पोंसिबल AI' अप्रोच पर भी जोर देती है, जो इनोवेशन को पोटेंशियल मिसयूज़ के खिलाफ सेफगार्ड्स की नीड के साथ बैलेंस करती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह स्टेप इंडिया की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी को काफी तेजी से बढ़ा सकता है।