इंडिया में 'भारतनेट 2.0' प्रोजेक्ट लॉन्च, गांव-गांव में होगा सुपरफास्ट इंटरनेट!
इंडियन गवर्नमेंट ने आज 'भारतनेट 2.0' प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसका टारगेट 2027 तक हर गांव में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है। इससे रूरल एरियाज़ में बड़ा डेवलपमेंट होने की उम्मीद है।
डिजिटल इन्क्लूजन की तरफ एक बड़े स्टेप में, इंडियन गवर्नमेंट ने आज अपने एंबिशियस 'भारतनेट' प्रोजेक्ट का सेकंड फेज, जिसे अब "भारतनेट 2.0" कहा जा रहा है, ऑफिशियली लॉन्च किया। इस इनिशिएटिव का टारगेट 2027 तक कंट्री के सभी छह लाख (600,000) रूरल विलेजेस को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रोवाइड करना है, जिससे डिजिटल डिवाइड कम होगा और अंडरसर्व्ड एरियाज में इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ेगी।
लॉन्च इवेंट में बोलते हुए, प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने भारतनेट 2.0 की ट्रांसफॉरमेटिव पोटेंशियल पर जोर दिया, कहा, "यह प्रोजेक्ट सिर्फ वायर्स और ऑप्टिकल फाइबर्स के बारे में नहीं है; यह ड्रीम्स को कनेक्ट करने, कम्युनिटीज को एम्पावर करने और डिजिटल एज के बेनिफिट्स को रूरल इंडिया के हर घर तक पहुंचाने के बारे में है।" नया फेज फाइबर ऑप्टिक्स, सैटेलाइट कम्युनिकेशंस और 5G टेक्नोलॉजी के मिक्स को यूज करेगा ताकि रोबस्ट और रिलायबल कनेक्टिविटी इन्श्योर की जा सके।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि एनहैंस्ड डिजिटल एक्सेस से रूरल एरियाज में एजुकेशन, हेल्थकेयर और ई-कॉमर्स के लिए नए ओपर्च्युनिटीज खुलेंगे, जिससे लाखों लोगों की क्वालिटी ऑफ लाइफ में सिग्निफिकेंट इम्प्रूवमेंट होगा। जबकि प्रोजेक्ट का स्केल काफी लॉजिस्टिकल चैलेंजेस प्रेजेंट करता है, गवर्नमेंट ने अपने टारगेट्स को अचीव करने में कॉन्फिडेंस एक्सप्रेस किया है, प्राइवेट टेलीकॉम ऑपरेटर्स और लोकल बॉडीज के साथ पार्टनरशिप्स का फायदा उठाकर डिप्लॉयमेंट को तेजी से करने का प्लान है। यह कंप्लीट डिजिटल एम्पावरमेंट की तरफ इंडिया की जर्नी में एक पिवटल मोमेंट है।