इंडिया ने लॉन्च किया एंबिशियस "डिजिटल भारत कनेक्ट" इनिशिएटिव
इंडियन गवर्नमेंट ने आज "डिजिटल भारत कनेक्ट" इनिशिएटिव को अनवील किया है, जो रूरल और रिमोट एरियाज में हाई-स्पीड इंटरनेट एक्सेस को एक्सपैंड करने के लिए एक मैसिव प्रोजेक्ट है। यह एंबिशियस प्लान डिजिटल डिवाइड को ब्रिज करने और एनहांस्ड कनेक्टिविटी के थ्रू लाखों लोगों को एम्पावर करने का एम रखता है।
डिजिटल इंक्लूजन की तरफ एक बड़े पुश में, इंडियन गवर्नमेंट ने ऑफिशियली अपना फ्लैगशिप "डिजिटल भारत कनेक्ट" प्रोग्राम लॉन्च किया है। यह इनिशिएटिव, जिसे प्राइम मिनिस्टर ने एक नेशनल एड्रेस के दौरान अनाउंस किया, का एम अगले पांच सालों में कंट्री के 100,000 से ज्यादा विलेजेस में रोबस्ट हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रोवाइड करना है। इस मूव से पहले अनसर्व्ड लाखों लोगों के लिए एजुकेशन, हेल्थकेयर और इकोनॉमिक ओपर्चुनिटीज तक एक्सेस में रिवोल्यूशन आने की उम्मीद है।
यह प्रोजेक्ट कॉम्प्रिहेंसिव कवरेज इंश्योर करने के लिए फाइबर ऑप्टिक्स, सैटेलाइट टेक्नोलॉजी और 5G इंफ्रास्ट्रक्चर के कॉम्बिनेशन का यूज करेगा। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप्स इस स्ट्रैटेजी का एक की कॉम्पोनेंट हैं, जिसमें कई लीडिंग टेलीकॉम कंपनीज पहले ही सिग्निफिकेंट इन्वेस्टमेंट्स कमिट कर चुकी हैं। गवर्नमेंट जोर देती है कि यह सिर्फ इंटरनेट एक्सेस के बारे में नहीं है, बल्कि डिजिटल लिटरेसी को बढ़ावा देने और सिटिजन्स को ग्रोइंग डिजिटल इकोनॉमी में पूरी तरह से पार्टिसिपेट करने के बारे में है।
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि "डिजिटल भारत कनेक्ट" में इंडिया के सोशियो-इकोनॉमिक डेवलपमेंट के लिए एक गेम-चेंजर बनने की पोटेंशियल है। हालांकि मुश्किल टेरेन्स में इंफ्रास्ट्रक्चर डिप्लॉयमेंट और अफोर्डेबिलिटी इंश्योर करने जैसी चैलेंजेस बनी हुई हैं, गवर्नमेंट की स्ट्रॉन्ग कमिटमेंट और प्रोजेक्ट का स्केल डिजिटल इंडिया के लिए एक ट्रांसफॉर्मेटिव एरा का सिग्नल देता है। इम्प्लीमेंटेशन का पहला फेज इस क्वार्टर के एंड तक शुरू होने वाला है, जिसमें सेलेक्ट रीजन्स में पायलट प्रोजेक्ट्स पहले ही चल रहे हैं।