इंडिया का नया 'डिजिटल हेल्थ ID' प्रोजेक्ट आया, लोगों के मिक्स्ड रिएक्शन्स!
इंडियन गवर्नमेंट ने अपना बड़ा 'डिजिटल हेल्थ ID' प्रोग्राम पूरे नेशन में लॉन्च कर दिया है, जिसका एम हेल्थकेयर एक्सेस और डेटा मैनेजमेंट को ईजी बनाना है। लेकिन, इस प्रोजेक्ट को सिटीजन्स और एक्सपर्ट्स से मिक्स रिएक्शन्स मिल रहे हैं, कुछ लोग एक्साइटेड हैं तो कुछ प्राइवेसी को लेकर वरीड हैं।
इस नए प्रोग्राम के अंडर, हर सिटीजन एक यूनीक, कंसेंट-बेस्ड डिजिटल हेल्थ ID बनवा सकता है जो उनके मेडिकल रिकॉर्ड्स को अलग-अलग हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स के साथ लिंक करेगा। सपोर्टर्स का कहना है कि यह हेल्थकेयर डिलीवरी में रिवोल्यूशन लाएगा, डॉक्टर्स के लिए पेशेंट हिस्ट्रीज़ एक्सेस करना ईजी हो जाएगा और पेपरवर्क कम होगा।
गवर्नमेंट ने हाईलाइट किया है कि यह सिस्टम वॉलंटरी है और इसमें स्ट्रांग सिक्योरिटी फीचर्स हैं, हर स्टेप पर पेशेंट कंसेंट पर जोर दिया गया है। लेकिन, क्रिटिक्स, जिनमें कई डिजिटल राइट्स एक्टिविस्ट्स और मेडिकल प्रोफेशनल्स शामिल हैं, ने डेटा ब्रीचेस, डेटा शेयरिंग के स्कोप और इंडिविजुअल प्राइवेसी के लिए लॉन्ग-टर्म इम्प्लिकेशन्स को लेकर रेड फ्लैग्स रेज़ किए हैं।
पब्लिक अवेयरनेस कैंपेन लॉन्च किए जा रहे हैं ताकि सिटीजन्स को डिजिटल हेल्थ ID के बेनिफिट्स और सेफगार्ड्स के बारे में एजुकेट किया जा सके। हालांकि यह प्रोजेक्ट इंडिया के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को इम्प्रूव करने का बहुत बड़ा प्रॉमिस रखता है, लेकिन प्राइवेसी कंसर्न्स को एड्रेस करना इसके वाइडस्प्रेड एडॉप्शन और अल्टीमेट सक्सेस के लिए बहुत इम्पोर्टेन्ट होगा।