इंडिया ने टेक इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट करने के लिए एंबिशियस 'डिजिटल भारत 2.0' इनिशिएटिव लॉन्च किया!
इंडियन गवर्नमेंट ने आज 'डिजिटल भारत 2.0' लॉन्च किया है, जो रूरल एरियाज़ में हाई-स्पीड इंटरनेट एक्सेस को एक्सपैंड करने, डिजिटल लिटरेसी बढ़ाने और टेक स्टार्टअप्स के लिए एक स्ट्रॉन्ग इकोसिस्टम बनाने के लिए एक बड़ा इनिशिएटिव है। ये ओरिजिनल डिजिटल इंडिया प्रोग्राम का एक सिग्निफिकेंट अपग्रेड है।
प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने एक ग्रैंड सेरेमनी में ऑफिशियली 'डिजिटल भारत 2.0' लॉन्च किया, जिसमें उन्होंने इंडिया को एक डिजिटली एम्पावर्ड सोसाइटी और नॉलेज इकोनॉमी में ट्रांसफॉर्म करने के लिए गवर्नमेंट की कमिटमेंट पर जोर दिया। इस इनिशिएटिव में थाउजेंड्स ऑफ किलोमीटर्स फाइबर ऑप्टिक केबल्स बिछाने, कम्युनिटी वाई-फाई हॉटस्पॉट्स एस्टैब्लिश करने और AI-पावर्ड एजुकेशनल टूल्स इंट्रोड्यूस करने के प्लान्स शामिल हैं।
प्रोग्राम के की कंपोनेंट्स में AI, ब्लॉकचेन और डेटा साइंस जैसी इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज में यूथ के लिए अपस्किलिंग प्रोग्राम्स के साथ-साथ डोमेस्टिक और इंटरनेशनल टेक इन्वेस्टमेंट्स के लिए इंसेंटिव्स प्रोवाइड करना भी शामिल है। इसका गोल डिजिटल डिवाइड को कम करना और यह इन्श्योर करना है कि हर सिटीजन को एसेंशियल डिजिटल सर्विसेज और ओपोर्चुनिटीज का एक्सेस मिले।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि 'डिजिटल भारत 2.0' में इंडिया के जीडीपी को सिग्निफिकेंटली बूस्ट करने और अलग-अलग सेक्टर्स में मिलियंस ऑफ जॉब्स क्रिएट करने का पोटेंशियल है। इंफ्रास्ट्रक्चर और ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट दोनों पर फोकस को अगले डिकेड में इंडिया को एक ग्लोबल टेक हब के तौर पर पोजिशन करने के लिए एक स्ट्रैटेजिक मूव के तौर पर देखा जा रहा है।