इंडिया में बड़ा अपडेट: गवर्नमेंट ने 'डिजिटल विलेज कनेक्ट' इनिशिएटिव लॉन्च किया, रूरल एम्पावरमेंट पर फोकस
इंडियन गवर्नमेंट ने एक बड़ा और ट्रांसफॉर्मेटिव इनिशिएटिव, 'डिजिटल विलेज कनेक्ट' लॉन्च किया है, जिसका मकसद रूरल एरियाज में डिजिटल डिवाइड को कम करना है। यह प्रोग्राम लाखों लोगों को रिमोट विलेजेस में हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल लिटरेसी ट्रेनिंग और ई-गवर्नेंस सर्विसेज देगा, जिससे इन्क्लूसिव ग्रोथ और एम्पावरमेंट को बढ़ावा मिलेगा।
अपने 'डिजिटल इंडिया' विजन को अचीव करने की दिशा में एक बड़े कदम के तौर पर, इंडियन गवर्नमेंट ने आज ऑफिशियली 'डिजिटल विलेज कनेक्ट' इनिशिएटिव लॉन्च किया। इस एंबिशियस प्रोग्राम का मकसद अगले दो सालों में कंट्री के 100,000 से ज्यादा रिमोट विलेजेस में हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी लाना है। यह इनिशिएटिव फाइबर ऑप्टिक्स और एडवांस्ड वायरलेस टेक्नोलॉजीज के कॉम्बिनेशन का यूज करेगा ताकि सबसे ज्योग्राफिकली चैलेंजिंग रीजन्स में भी स्ट्रॉन्ग और रिलाएबल इंटरनेट एक्सेस मिल सके।
सिर्फ कनेक्टिविटी ही नहीं, 'डिजिटल विलेज कनेक्ट' को एक होलिस्टिक एम्पावरमेंट प्रोग्राम के तौर पर डिजाइन किया गया है। इसमें रूरल पॉपुलेशन के लिए एक्सटेंसिव डिजिटल लिटरेसी ट्रेनिंग शामिल है, जो उन्हें ऑनलाइन सर्विसेज का यूज करने, डिजिटल इकोनॉमी में पार्टिसिपेट करने और एजुकेशनल रिसोर्सेज एक्सेस करने के स्किल्स से इक्विप करेगी। इसके अलावा, यह इनिशिएटिव क्रिटिकल ई-गवर्नेंस सर्विसेज, जैसे हेल्थ कंसल्टेशंस, एग्रीकल्चरल एडवाइजरीज और फाइनेंशियल एड एप्लीकेशंस को सीधे विलेजर्स के डोरस्टेप पर डिलीवर करने में हेल्प करेगा, जिससे अर्बन सेंटर्स तक ट्रैवल करने की नीड कम होगी।
प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने प्रोग्राम का इनॉगरेशन करते हुए, रूरल लाइवलीहुड्स को ट्रांसफॉर्म करने, नई इकोनॉमिक ऑपर्च्युनिटीज क्रिएट करने और मार्जिनलाइज्ड कम्युनिटीज को नेशनल मेनस्ट्रीम में इंटीग्रेट करने की इसकी पोटेंशियल पर जोर दिया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इम्प्लीमेंटेशन में लॉजिस्टिकल चैलेंजेस आ सकते हैं, लेकिन इकोनॉमिक डेवलपमेंट, सोशल इन्क्लूजन और इम्प्रूव्ड पब्लिक सर्विस डिलीवरी के मामले में लॉन्ग-टर्म बेनिफिट्स बहुत बड़े हो सकते हैं। यह इनिशिएटिव इंडिया के एक ट्रूली डिजिटली एम्पावर्ड सोसाइटी बनने की जर्नी में एक क्रूशियल स्टेप है।