इंडियन गवर्नमेंट ने यूथ एम्प्लॉयमेंट बढ़ाने के लिए नया 'स्किलअप भारत' प्रोग्राम लॉन्च किया!
इंडियन गवर्नमेंट ने आज 'स्किलअप भारत' प्रोग्राम लॉन्च किया है, यह एक बड़ा इनिशिएटिव है जिसका एएम पूरे देश में लाखों यूथ को वोकेशनल ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट प्रोवाइड करना है। इस प्रोग्राम का मकसद स्किल गैप को कम करना और एम्प्लॉयबिलिटी बढ़ाना है।
न्यू दिल्ली – यूथ एम्पावरमेंट और इकोनॉमिक ग्रोथ की तरफ एक बड़े पुश में, इंडियन गवर्नमेंट ने ऑफिशियली 'स्किलअप भारत' प्रोग्राम लॉन्च किया है। यह एंबिशियस इनिशिएटिव यंग इंडियंस को इंडस्ट्री-रिलेवेंट स्किल्स सिखाने पर फोकस करेगा, जिसमें डिजिटल लिटरेसी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग से लेकर एंटरप्रेन्योरशिप और ग्रीन टेक्नोलॉजीज़ तक शामिल हैं।
प्राइम मिनिस्टर [फिक्शनल पीएम का नाम] ने प्रोग्राम को इनॉग्रेट करते हुए, इंडिया के वर्कफोर्स को ट्रांसफॉर्म करने और इसे ग्लोबली कॉम्पिटिटिव बनाने की उसकी पोटेंशियल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गवर्नमेंट रूरल और सेमी-अर्बन एरियाज़ में 5,000 से ज़्यादा नए स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स बनाने का प्लान कर रही है, जिससे क्वालिटी ट्रेनिंग तक वाइडस्प्रेड एक्सेस मिलेगा।
इस प्रोग्राम में प्राइवेट सेक्टर कंपनीज़ के साथ पार्टनरशिप भी शामिल होगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ट्रेनिंग मॉड्यूल्स मार्केट डिमांड्स के साथ अलाइन हों और ग्रेजुएट्स के पास एम्प्लॉयमेंट या सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के लिए क्लियर पाथवेज़ हों। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 'स्किलअप भारत' इंडिया के डेमोग्राफिक डिविडेंड के लिए गेम-चेंजर हो सकता है, बशर्ते इसे इफेक्टिवली और सस्टेनेबली इम्प्लीमेंट किया जाए।