इंडिया ने लॉन्च किया 'स्मार्ट सिटीज 2.0' प्रोजेक्ट, डेवलपमेंट को बूस्ट
इंडियन गवर्नमेंट ने अपने अर्बन डेवलपमेंट इनिशिएटिव का एक नया फेज, 'स्मार्ट सिटीज 2.0', अनाउंस किया है। इससे मेजर सिटीज में इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी को बहुत बूस्ट मिलेगा और लोगों की लाइफस्टाइल बेहतर होगी।
नई दिल्ली, इंडिया — अपने अर्बन एरिया को मॉडर्नाइज करने के लिए एक बड़े स्टेप के तहत, इंडियन गवर्नमेंट ने आज "स्मार्ट सिटीज 2.0" अनाउंस किया है। यह उनकी फ्लैगशिप स्मार्ट सिटीज मिशन का एक एंबिशियस अगला फेज है। इस नए फेज का एम पूरे कंट्री में 100 और सिटीज को टेक्नोलॉजिकली एडवांस्ड, सस्टेनेबल और सिटीजन-फ्रेंडली अर्बन सेंटर्स में बदलना है, जिसके लिए अगले पांच सालों में ₹2 लाख करोड़ (लगभग 24 बिलियन USD) से ज्यादा का इन्वेस्टमेंट होगा।
यह प्रोजेक्ट एक होलिस्टिक अप्रोच पर फोकस करता है, जिसमें स्मार्ट मोबिलिटी सॉल्यूशंस, एडवांस्ड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम्स, डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म्स और स्ट्रॉन्ग पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप्स शामिल हैं। यूनियन मिनिस्टर फॉर अर्बन डेवलपमेंट, प्रिया सिंह ने बताया कि "स्मार्ट सिटीज 2.0" IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स), AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और बिग डेटा एनालिटिक्स जैसी कटिंग-एज टेक्नोलॉजीज का यूज करेगा ताकि एफिशिएंट और रेस्पॉन्सिव अर्बन इकोसिस्टम्स बनाए जा सकें। इसका गोल सिर्फ नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना नहीं है, बल्कि टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट करके रेजिडेंट्स की लाइफ की क्वालिटी को इम्प्रूव करना है।
पिछला स्मार्ट सिटीज मिशन इम्प्लीमेंटेशन और फंडिंग में कुछ प्रॉब्लम्स फेस कर चुका था, लेकिन गवर्नमेंट का कहना है कि उन्होंने उन गलतियों से सीखा है। "स्मार्ट सिटीज 2.0" एक ज्यादा स्ट्रीमलाइन्ड एग्जीक्यूशन स्ट्रेटेजी, बेहतर मॉनिटरिंग और ज्यादा कम्युनिटी इन्वॉल्वमेंट का प्रॉमिस करता है। इस इनिशिएटिव से लाखों जॉब्स क्रिएट होने, फॉरेन इन्वेस्टमेंट अट्रैक्ट होने और इंडिया की इकोनॉमिक ग्रोथ को सिग्निफिकेंटली बूस्ट मिलने की उम्मीद है, जिससे यह सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट में एक लीडर बन जाएगा।