इंडियन गवर्नमेंट ने इनोवेशन को बूस्ट देने के लिए एंबिशियस 'स्टार्टअप बूस्ट' पॉलिसी लॉन्च की!
इंडियन गवर्नमेंट ने आज अपनी नई "स्टार्टअप बूस्ट" पॉलिसी लॉन्च की है, जो इनोवेशन को बढ़ावा देने, इन्वेस्टमेंट अट्रैक्ट करने और पूरे कंट्री में स्टार्टअप्स के लिए एक बेहतर इकोसिस्टम बनाने के लिए बनाई गई है। इस पॉलिसी में टैक्स इंसेंटिव्स, आसान फंडिंग एक्सेस और मेंटरशिप प्रोग्राम्स शामिल हैं।
नई दिल्ली - अपने तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम को सपोर्ट करने के लिए एक बड़े मूव में, इंडियन गवर्नमेंट ने आज ऑफिशियली "स्टार्टअप बूस्ट" पॉलिसी लॉन्च की। इस एंबिशियस इनिशिएटिव का गोल इंडिया को इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप में ग्लोबल लीडर बनाना है, जो नए बिजनेसेज को ग्रो करने और नेशन की इकोनॉमिक ग्रोथ में कंट्रीब्यूट करने के लिए एक स्ट्रांग फ्रेमवर्क प्रोवाइड करेगा।
नई पॉलिसी कई अट्रैक्टिव मेजर्स लाती है, जिसमें सिम्प्लिफाइड रेगुलेटरी प्रोसेसेज, एलिजिबल स्टार्टअप्स के लिए बड़े टैक्स हॉलिडेज, और सीड कैपिटल और वेंचर फंडिंग प्रोवाइड करने के लिए एक डेडिकेटेड फंड बनाना शामिल है। इसके अलावा, गवर्नमेंट इनक्यूबेटर्स और एक्सेलरेटर्स का एक नेटवर्क बनाने की प्लानिंग कर रही है, साथ ही इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स द्वारा चलाए जाने वाले मेंटरशिप प्रोग्राम्स भी होंगे, ताकि नए एंटरप्रेन्योर्स को गाइड किया जा सके।
प्राइम मिनिस्टर शर्मा ने पॉलिसी का इनॉगरेशन करते हुए, इंडिया के यूथ की क्रिएटिव एनर्जी को अनलॉक करने और लाखों जॉब्स क्रिएट करने की इसकी पोटेंशियल पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "ये सिर्फ एक पॉलिसी नहीं है; ये हमारे फ्यूचर के लिए एक कमिटमेंट है, आइडियाज की पावर में एक बिलीफ है, और इंडिया की एंटरप्रेन्योरियल स्पिरिट का एक प्रूफ है।" 'स्टार्टअप बूस्ट' से AI, फिनटेक, ग्रीन एनर्जी, और एग्रीटेक जैसे सेक्टर्स को खास फायदा होने की उम्मीद है, जिससे डोमेस्टिक और इंटरनेशनल इन्वेस्टर्स दोनों अट्रैक्ट होंगे।