इंडियन गवर्नमेंट ने 'ग्रीन कॉरिडोर' इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट लॉन्च किया, बड़ा अपडेट!
इंडियन गवर्नमेंट ने आज 'ग्रीन कॉरिडोर' इनिशिएटिव लॉन्च किया है, जो एक बहुत बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसका एएम मेजर इकोनॉमिक हब्स को इको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट नेटवर्क्स से कनेक्ट करना है। इस प्रोजेक्ट से बहुत सारी जॉब्स क्रिएट होंगी और इकोनॉमिक ग्रोथ भी होगी।
सस्टेनेबल डेवलपमेंट और इकोनॉमिक इंटीग्रेशन की तरफ एक बड़े पुश में, इंडियन गवर्नमेंट ने ऑफिशियली 'ग्रीन कॉरिडोर' प्रोजेक्ट को अनवील किया है। इस एम्बिशियस प्लान में थाउज़ेंड्स ऑफ़ किलोमीटर्स के इलेक्ट्रिक व्हीकल-ओनली हाईवेज़, रिन्यूएबल एनर्जी से चलने वाली हाई-स्पीड रेल लाइन्स, और पूरे कंट्री में इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स पार्क्स का कंस्ट्रक्शन शामिल है। इस प्रोजेक्ट की कॉस्ट बिलियंस ऑफ़ डॉलर्स एस्टिमेट की गई है और यह नेक्स्ट डेकेड में फेज़ेस में कंप्लीट होने वाला है।
लॉन्च सेरेमनी के दौरान प्राइम मिनिस्टर शर्मा ने इस इनिशिएटिव के डबल बेनिफिट्स पर ज़ोर दिया: इंडिया के कार्बन फुटप्रिंट को कम करना और साथ ही इकोनॉमिक एक्टिविटी और एम्प्लॉयमेंट को बूस्ट करना। उन्होंने कहा, "ग्रीन कॉरिडोर सिर्फ कनेक्टिविटी के बारे में नहीं है; यह हर इंडियन के लिए एक क्लीनर, ज़्यादा प्रॉस्परस फ्यूचर बनाने के बारे में है।" इस प्रोजेक्ट से कंस्ट्रक्शन, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर्स में मिलियंस ऑफ़ डायरेक्ट और इनडायरेक्ट जॉब्स क्रिएट होने की उम्मीद है।
इंडस्ट्री लीडर्स और एनवायर्नमेंटल एक्टिविस्ट्स ने इस इनिशिएटिव का वेलकम किया है, इसे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए एक फॉरवर्ड-थिंकिंग अप्रोच बताया है। लैंड एक्विजिशन और फंडिंग से रिलेटेड चैलेंजेज़ अभी भी हैं, लेकिन गवर्नमेंट ने पब्लिक और प्राइवेट पार्टनरशिप्स का यूज़ करके प्रोजेक्ट को एफिशिएंटली एग्जीक्यूट करने की अपनी एबिलिटी में कॉन्फिडेंस एक्सप्रेस किया है।