इंडिया के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जबरदस्त ग्रोथ, इकोनॉमी को मिला बूस्ट

India2 hours agoSource: National Voice
इंडिया के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जबरदस्त ग्रोथ, इकोनॉमी को मिला बूस्ट

इंडिया के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने लेटेस्ट क्वार्टर में शानदार ग्रोथ दिखाई है, जिससे कंट्री की ओवरऑल इकोनॉमी को काफी सपोर्ट मिला है। डोमेस्टिक डिमांड और गवर्नमेंट के इनिशिएटिव्स की वजह से ये ग्रोथ हुई है, जो ग्लोबल अनसर्टेनिटी के बीच इंडिया की इकोनॉमी के लिए एक गुड साइन है।

इंडिया के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने लेटेस्ट क्वार्टर में जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है, जिससे कंट्री की ओवरऑल इकोनॉमिक एक्सपेंशन को काफी सपोर्ट मिला है। रीसेंट गवर्नमेंट डेटा के हिसाब से, ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल्स जैसे की सब-सेक्टर्स में स्ट्रांग परफॉरमेंस की वजह से इंडस्ट्रियल आउटपुट ईयर-ऑन-ईयर 8.5% बढ़ गया है। ये पॉजिटिव ट्रेंड ग्लोबल इकोनॉमिक हेडविंड्स के सामने एक स्ट्रांग रिकवरी और रेजिलिएंस दिखाता है।

मैन्युफैक्चरिंग में ये सर्ज डोमेस्टिक डिमांड बढ़ने, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम्स जैसी गवर्नमेंट इनिशिएटिव्स और 'मेक इन इंडिया' पर नए फोकस का रिजल्ट है। इन पॉलिसीज ने न केवल लोकल प्रोडक्शन को इनकरेज किया है, बल्कि फॉरेन इन्वेस्टमेंट्स को भी अट्रैक्ट किया है, जिससे नई जॉब्स बनी हैं और एक्सपोर्ट कैपेबिलिटीज को बूस्ट मिला है। इकोनॉमिस्ट्स ऑप्टिमिस्टिक हैं कि ये मोमेंटम जारी रह सकता है, जिससे ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में इंडिया की पोजीशन और मजबूत होगी।

भले ही ग्लोबल सप्लाई चेन डिसरप्शन्स अभी भी चैलेंज क्रिएट कर रहे हैं, इंडिया के मैन्युफैक्चरिंग बेस को डाइवर्सिफाई करने और इंफ्रास्ट्रक्चर को इम्प्रूव करने के प्रोएक्टिव मेजर्स ने अच्छा रिजल्ट दिया है। इस सेक्टर की स्ट्रांग परफॉरमेंस का इकोनॉमी के दूसरे सेगमेंट्स, जैसे सर्विसेज और एम्प्लॉयमेंट, पर भी पॉजिटिव इम्पैक्ट पड़ने की उम्मीद है, जिससे ग्लोबल अनसर्टेनिटी के बीच कंट्री के इकोनॉमिक आउटलुक के लिए ये एक गुड साइन है और ये नेशन की ग्रोथ स्टोरी का एक की ड्राइवर बन रहा है।