RBI ने इंटरेस्ट रेट्स बढ़ाए, इन्फ्लेशन कंट्रोल करने की कोशिश, मार्केट में अलर्ट

इंडिया2 hours agoSource: National Voice
RBI ने इंटरेस्ट रेट्स बढ़ाए, इन्फ्लेशन कंट्रोल करने की कोशिश, मार्केट में अलर्ट

रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अचानक की इंटरेस्ट रेट्स बढ़ाने का अनाउंसमेंट किया है, जिसका मकसद बढ़ती हुई इन्फ्लेशन को कंट्रोल करना है। यह डिसीजन बढ़ती हुई कंज्यूमर प्राइसेस और ग्लोबल इकोनॉमिक अनसर्टेनिटीज़ के बीच आया है। स्टॉक मार्केट ने सावधानी से रिएक्ट किया, क्योंकि इन्वेस्टर्स इकोनॉमिक ग्रोथ और बोर्रोइंग कॉस्ट्स पर इसके पोटेंशियल इम्पैक्ट को देख रहे हैं।

मुंबई – एक बड़े पॉलिसी चेंज में, रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने आज अपने बेंचमार्क रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी अनाउंस की है, जिससे यह 6.75% हो गया है। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) का यह अनएक्सपेक्टेड स्टेप सीधे तौर पर उन लगातार हाई इन्फ्लेशन फिगर्स का जवाब है जो महीनों से इंडियन हाउसहोल्ड्स और बिज़नेस पर असर डाल रहे हैं। यह डिसीजन बहुत ज्यादा एक्सपेक्टेड नहीं था, कई एनालिस्ट्स रेट हाइक्स में पॉज़ की उम्मीद कर रहे थे।

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने मीडिया को एड्रेस करते हुए कहा कि इस हाइक का मेन ऑब्जेक्टिव इन्फ्लेशन को सेंट्रल बैंक के 2-6% के कंफर्ट ज़ोन में वापस लाना है। उन्होंने इकोनॉमिक ग्रोथ पर पोटेंशियल शॉर्ट-टर्म इम्पैक्ट को एक्सेप्ट किया लेकिन प्राइस स्टेबिलिटी के लॉन्ग-टर्म बेनिफिट्स पर जोर दिया। यह पिछले साल मई से RBI द्वारा लगातार सातवीं रेट हाइक है, जो बढ़ती हुई प्राइसेस को कंट्रोल करने के लिए लगातार एफर्ट को दिखाता है।

इंडियन स्टॉक मार्केट ने शुरुआत में वोलैटिलिटी दिखाई, सेंसेक्स और निफ्टी इंडेक्स ने कुछ लॉसेस रिकवर करने से पहले एक छोटी गिरावट देखी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भले ही यह हाइक डिमांड को कम कर सकती है, लेकिन यह कंज्यूमर्स और बिज़नेस के लिए लोन्स को महंगा भी कर सकती है, जिससे इन्वेस्टमेंट स्लो हो सकता है। इन्वेस्टर्स अब इंडियन इकोनॉमी की ट्रैजेक्टरी पर और क्लैरिटी के लिए अपकमिंग इकोनॉमिक डेटा और सेंट्रल बैंक की फ्यूचर गाइडेंस को क्लोजली मॉनिटर कर रहे हैं।