RBI ने इन्फ्लेशन से लड़ने के लिए किया अनएक्सपेक्टेड रेट हाइक अनाउंस, मार्केट्स में हलचल!
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने आज एक सरप्राइज अनाउंसमेंट किया है, जिसमें उसने अपनी मेन इंटरेस्ट रेट्स को 50 बेसिस पॉइंट्स बढ़ा दिया है। इस अनएक्सपेक्टेड स्टेप का मकसद बढ़ती इन्फ्लेशन को कंट्रोल करना है, लेकिन इसने फाइनेंशियल मार्केट्स में हलचल मचा दी है, जिससे लोन रेट्स और इन्वेस्टमेंट सेंटीमेंट्स पर इम्पैक्ट पड़ा है।
आज सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि यह डिसीजन इन्फ्लेशनरी प्रेशर्स को कंट्रोल करने के लिए जरूरी था, जो हाउसहोल्ड बजेट्स और इकोनॉमिक स्टेबिलिटी को अफेक्ट कर रहे हैं। यह इस साल की तीसरी रेट हाइक है, जो बढ़ती प्राइसेज के खिलाफ सेंट्रल बैंक के अग्रेसिव स्टैंड को दिखाती है। इस स्टेप से होम लोन्स, ऑटो लोन्स और कॉर्पोरेट बोर्रोइंग्स के महंगे होने की उम्मीद है।
इस हाइक के इमीडिएट इम्पैक्ट पर इकोनॉमिस्ट्स डिवाइडेड हैं। जहां कुछ का मानना है कि यह डिमांड को इफेक्टिवली कूल करेगा और इन्फ्लेशन को टारगेट रेंज में लाएगा, वहीं दूसरों को चिंता है कि यह इकोनॉमिक ग्रोथ को स्लो कर सकता है, खासकर उन बिजनेसेज के लिए जो क्रेडिट पर डिपेंडेंट हैं। स्टॉक मार्केट ने इस न्यूज पर तेजी से रिएक्शन दिया, जिसमें मेजर इंडेक्स ने अर्ली ट्रेडिंग में गिरावट देखी, हालांकि बाद में उन्होंने कुछ रिकवरी की।
आम आदमी के लिए, इसका मतलब है मौजूदा वेरिएबल-रेट लोन्स पर ज्यादा EMI और महंगे नए लोन्स। बैंकों से उम्मीद है कि वे बढ़ी हुई रेट्स को कंज्यूमर्स तक तेजी से पहुंचाएंगे। RBI का फोकस प्राइस स्टेबिलिटी पर मजबूती से बना हुआ है, भले ही इसके लिए शॉर्ट-टर्म इकोनॉमिक एडजस्टमेंट्स की कॉस्ट चुकानी पड़े। इन्वेस्टर्स अब आगे की पॉलिसी क्यूज और इन फाइनेंशियल शिफ्ट्स पर गवर्नमेंट के रिस्पॉन्स पर कड़ी नजर रख रहे हैं।