इंटरेस्ट रेट बढ़ने के डर से ग्लोबल टेक स्टॉक्स में भारी गिरावट
आज ग्लोबल टेक मार्केट्स में बहुत बड़ी गिरावट आई है। सेंट्रल बैंक्स के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के डर से इन्वेस्टर्स टेंशन में हैं, जिसका असर ग्रोथ स्टॉक्स पर पड़ रहा है और मार्केट कॉन्फिडेंस हिल गया है।
न्यूयॉर्क – आज दुनिया भर के टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में भारी गिरावट देखने को मिली। नैस्डैक कंपोजिट 3% से ज्यादा गिर गया, और एशियन व यूरोपियन मार्केट्स में भी ऐसी ही गिरावट दर्ज की गई। ये गिरावट तब आई जब नए सिरे से ये डर फैल गया कि सेंट्रल बैंक्स, खासकर यूएस फेडरल रिजर्व, लगातार बढ़ती इन्फ्लेशन को कंट्रोल करने के लिए पहले से ज्यादा एग्रेसिव इंटरेस्ट रेट हाइक्स कर सकते हैं।
इंटरेस्ट रेट बढ़ने से कंपनीज के लिए लोन लेना महंगा हो जाता है और फ्यूचर अर्निंग्स की वैल्यू कम हो जाती है। इसका सबसे ज्यादा असर हाई-ग्रोथ टेक फर्म्स पर पड़ता है जो फ्यूचर प्रोजेक्शंस पर डिपेंड करती हैं। इन्वेस्टर्स रिस्की एसेट्स से पैसा निकालकर सेफर ऑप्शंस में लगा रहे हैं। फाइनेंशियल एनालिस्ट सारा जेनकिन्स ने कहा, "मार्केट साफ तौर पर सेंट्रल बैंक्स के हॉकिश स्टांस को प्राइस कर रहा है। इससे टेक कंपनीज, खासकर जो अभी प्रॉफिटेबल नहीं हैं, उनके लिए एक चैलेंजिंग एन्वायरमेंट बन गया है।"
इकोनॉमिस्ट्स अब इन्फ्लेशन डेटा और सेंट्रल बैंक स्टेटमेंट्स पर बारीकी से नजर रख रहे हैं ताकि पॉलिसी में किसी भी चेंज का पता चल सके। मौजूदा मार्केट वोलैटिलिटी एक नाजुक इकोनॉमिक सेंटीमेंट को दिखाती है, जहां टाइट मॉनेटरी कंडीशंस का कोई भी हिंट ग्लोबल इक्विटी मार्केट्स में असर डाल सकता है, जिससे स्टार्टअप वैल्यूएशन से लेकर कंज्यूमर स्पेंडिंग तक सब कुछ इम्पैक्ट हो सकता है।