मिडिल ईस्ट में टेंशन हाई, UN सिक्योरिटी काउंसिल की इमरजेंसी मीटिंग!
यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल ने मिडिल ईस्ट में बढ़ती टेंशन को लेकर एक अर्जेंट इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। रीजन के मेन प्लेयर्स के बीच हुए रीसेंट मिलिट्री एक्शंस और तेज बयानबाजी ने एक बड़े कॉन्फ्लिक्ट का डर पैदा कर दिया है, जिसके बाद इंटरनेशनल कम्युनिटी डी-एस्केलेशन की अपील कर रही है।
न्यूयॉर्क – एक अर्जेंट मीटिंग में, UN सिक्योरिटी काउंसिल फिलहाल मिडिल ईस्ट की अनस्टेबल सिचुएशन पर डिबेट कर रहा है, जो पिछले 48 घंटों में हुई कई एग्रेसिव मिलिट्री एक्टिविटीज और रिटेलिएटरी स्ट्राइक्स के बाद हुई है। दुनिया भर के डिप्लोमेट्स सीरियस कंसर्न दिखा रहे हैं कि रीजन एक बड़े कॉन्फ्रंटेशन के कगार पर है।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि क्रॉस-बॉर्डर शेलिंग और ड्रोन अटैक्स बढ़ गए हैं, जिससे सिविलियन कैजुअल्टीज हुई हैं और लोग डिस्प्लेस हुए हैं। इंटरनेशनल कम्युनिटी सभी पार्टीज़ से मैक्सिमम रेस्ट्रेंट रखने और बातचीत करने की अपील कर रही है ताकि सिचुएशन और न बिगड़े। UN सेक्रेटरी-जनरल ने आज सुबह एक स्टेटमेंट जारी किया था, जिसमें तुरंत सीजफायर और सिविलियंस की प्रोटेक्शन की अर्जेंट नीड पर जोर दिया गया था।
इस इमरजेंसी सेशन का मकसद एक यूनिफाइड इंटरनेशनल रिस्पॉन्स तैयार करना और प्रेजेंट सिचुएशन को शांत करने के लिए डिप्लोमेटिक रास्ते खोजना है। हालांकि, मेंबर स्टेट्स के बीच पुराने ग्रिवेंसेज और कॉन्फ्लिक्टिंग जियोपॉलिटिकल इंटरेस्ट्स एक कंसेंसस रेजोल्यूशन को अचीव करना चैलेंजिंग बना रहे हैं।