US कांग्रेस ने पास किया नया 'क्लाइमेट बिल', पॉलिटिक्स में गरमागरमी
कई हफ्तों की लंबी नेगोशिएशंस और पार्टी फाइट के बाद, US कांग्रेस ने एक नया क्लाइमेट चेंज बिल फाइनली पास कर दिया है। इस बिल का टारगेट कार्बन एमिशन कम करना और रिन्यूएबल एनर्जी में इन्वेस्टमेंट बढ़ाना है।
एक हिस्टोरिक वोट में, यूनाइटेड स्टेट्स कांग्रेस ने एक लैंडमार्क क्लाइमेट चेंज बिल को अपनी फाइनल अप्रूवल दे दी है। इसे एनवायरनमेंट एडवोकेट्स ने सेलिब्रेट किया है, पर कुछ इंडस्ट्री ग्रुप्स ने इसका बहुत अपोज किया है। ये लेजिस्लेशन ग्रीन टेक्नोलॉजीज में बिलियन डॉलर के इन्वेस्टमेंट और कार्बन एमिशन में बड़ी कमी का प्रॉमिस करता है।
इस बिल का कैपिटल हिल से पास होना पॉलिटिकल टेंशन से भरा था, जिसमें बायपार्टिसन सपोर्ट पाने के लिए बहुत सारे कॉम्प्रोमाइज करने पड़े। इसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और सोलर पैनल्स के लिए टैक्स क्रेडिट्स, क्लाइमेट रिसर्च के लिए फंडिंग और इंडस्ट्रीज को क्लीनर प्रैक्टिसेज अपनाने के लिए इंसेंटिव्स शामिल हैं। सपोर्टर्स का कहना है कि यह इंटरनेशनल क्लाइमेट गोल्स को पूरा करने और एक सस्टेनेबल इकोनॉमी बनाने की तरफ एक बड़ा स्टेप है।
हालांकि, क्रिटिक्स ने पॉसिबल इकोनॉमिक प्रॉब्लम्स की वार्निंग दी है, जिसमें एनर्जी कॉस्ट्स और बिजनेस पर रेगुलेटरी बर्डन्स बढ़ने की टेंशन है। इस डिबेट ने अमेरिकन पॉलिटिक्स में एनवायरनमेंट पॉलिसी और इकोनॉमिक ग्रोथ के बीच के गहरे डिवीजन्स को हाईलाइट किया। अपोजिशन के बावजूद, इस बिल का पास होना करंट एडमिनिस्ट्रेशन के क्लाइमेट एजेंडा के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है।