कांग्रेस ने पास किया AI रेगुलेशन बिल, व्हाइट हाउस बोला - "हिस्टोरिक स्टेप"
महीनों के डिबेट के बाद, यू.एस. कांग्रेस ने AI को रेगुलेट करने वाला एक बड़ा बिल पास कर दिया है। व्हाइट हाउस ने इस बाइपार्टीसन एफर्ट को नेशनल सिक्योरिटी और इनोवेशन के लिए एक क्रूशियल मूव बताया है।
इस लैंडमार्क लेजिस्लेशन का गोल AI डेवलपमेंट और डिप्लॉयमेंट के लिए फेडरल गाइडलाइन्स बनाना है, जिसमें सेफ्टी, ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी पर फोकस किया गया है। इसमें हाई-इम्पैक्ट AI सिस्टम्स के लिए मैंडेटरी रिस्क असेसमेंट्स और AI एथिक्स को ओवरसी करने के लिए एक नई फेडरल एजेंसी बनाने के प्रोविजन्स शामिल हैं।
कैपिटल हिल में इस बिल का सफर टेक जायंट्स और सिविल राइट्स ग्रुप्स की जबरदस्त लॉबिंग से भरा रहा। सपोर्टर्स का कहना है कि AI के पॉसिबल मिसयूज को रोकना बहुत जरूरी है, जबकि क्रिटिक्स को डर है कि इससे इनोवेशन रुक सकता है और नई टेक कंपनीज पर अनड्यू बर्डन पड़ सकता है।
प्रेसिडेंट एवलिन रीड के अगले हफ्ते इस बिल को लॉ बनाने की उम्मीद है, जिससे AI गवर्नेंस के लिए एक नया ग्लोबल प्रेसिडेंट सेट होगा। एडमिनिस्ट्रेशन को लगता है कि यह स्टेप अमेरिका को AI इनोवेशन में लीडर बनाए रखेगा और अपने सिटीजन्स को सेफगार्ड करेगा।