गवर्नमेंट ने 'डिजिटल इंडिया 2.0' लॉन्च किया, रूरल कनेक्टिविटी को मिलेगा बूस्ट
इंडियन गवर्नमेंट ने 'डिजिटल इंडिया 2.0' नाम का एक नया इनिशिएटिव स्टार्ट किया है। इसका मेन गोल है कि इंडिया के रूरल एरियाज़ में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को बढ़ाया जाए।
न्यू दिल्ली – इंडियन गवर्नमेंट ने आज ऑफिशियली 'डिजिटल इंडिया 2.0' लॉन्च किया है, जो उनके पहले डिजिटल एम्पावरमेंट प्रोग्राम का नेक्स्ट स्टेप है। इस नए फेज़ का मेन फोकस रूरल इंडिया में डिजिटल डिवाइड को कम करना है। इसके लिए दूर-दराज के गांवों में हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल लिटरेसी को बढ़ाया जाएगा।
'डिजिटल इंडिया 2.0' के अंडर, गवर्नमेंट हज़ारों नए फाइबर ऑप्टिक केबल्स बिछाने, कम्युनिटी वाई-फाई हॉटस्पॉट बनाने और लो-इनकम वाले घरों को सस्ते स्मार्टफोन्स और टैबलेट्स देने का प्लान कर रही है। इस इनिशिएटिव में रूरल लोगों को एजुकेशन, हेल्थकेयर और इकोनॉमिक अपॉर्चुनिटीज़ के लिए डिजिटल टूल्स यूज़ करना सिखाने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम्स भी शामिल हैं।
प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने प्रोग्राम को इनॉग्रेट करते हुए कहा कि इससे रूरल लाइफ में बड़ा चेंज आएगा और लाखों लोगों को मॉडर्न डिजिटल इकोनॉमी से जुड़ने का मौका मिलेगा। यह इनिशिएटिव अगले पांच सालों में फेज़ेज़ में रोल आउट होने की उम्मीद है, जिसके लिए शुरू में ₹50,000 करोड़ का बजट एलोकेट किया गया है।