ईस्टर्न यूरोप में बॉर्डर पर टेंशन बढ़ी, डिप्लोमैटिक टॉक्स फेल; यूएन ने शांति की अपील की

वर्ल्ड1 hour agoSource: National Voice
ईस्टर्न यूरोप में बॉर्डर पर टेंशन बढ़ी, डिप्लोमैटिक टॉक्स फेल; यूएन ने शांति की अपील की

ईस्टर्न यूरोप के बॉर्डर पर आज टेंशन काफी बढ़ गई है, क्योंकि दोनों देशों के बीच की इम्पोर्टेंट डिप्लोमैटिक टॉक्स फेल हो गई हैं। इंटरनेशनल ऑब्जर्वर्स इस वोलेटाइल रीजन में बड़े कॉन्फ्लिक्ट को रोकने के लिए तुरंत डी-एस्केलेशन की अपील कर रहे हैं, और यूएन ने सभी पार्टीज को संयम बरतने को कहा है।

ईस्टर्न यूरोप में पहले से ही नाजुक पीस आज खतरे में आ गई, क्योंकि दो पड़ोसी देशों के बीच टेंशन कम करने की डिप्लोमैटिक कोशिशें फेल हो गईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बॉर्डर के दोनों साइड्स पर मिलिट्री एक्टिविटी बढ़ गई है, जिससे आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट का डर बढ़ गया है। यूरोपियन पावर्स के बीच हुई टॉक्स का फेल होना, इंटरनेशनल कम्युनिटी को रीजन की स्टेबिलिटी के बारे में बहुत कंसर्न कर रहा है।

नेगोशिएशंस से जुड़े सोर्सेज का कहना है कि टेरिटोरियल क्लेम्स और एथनिक माइनॉरिटीज के ट्रीटमेंट पर मेन डिसएग्रीमेंट्स को सॉल्व नहीं किया जा सका। दोनों साइड्स ने एक-दूसरे पर अड़ियल होने का आरोप लगाया, जिससे डेडलॉक बन गया और अब सिचुएशन क्रिटिकल पॉइंट पर पहुंच गई है। बॉर्डर के पास रहने वाले लोग हाई अलर्ट पर हैं, और कुछ लोग प्रिकॉशनरी मेजर के तौर पर इवैक्यूएट करना शुरू कर चुके हैं।

यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल आज बाद में इमरजेंसी मीटिंग बुलाने वाली है ताकि इस बढ़ती हुई क्राइसिस को डिस्कस किया जा सके। सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटेरेस ने एक स्ट्रॉन्ग स्टेटमेंट जारी किया है, जिसमें दोनों देशों से कहा गया है कि वे सिचुएशन को और खराब न करें और नेगोशिएटिंग टेबल पर वापस आएं। ग्लोबल मार्केट्स ने भी नर्वसली रिएक्शन दिया है, ऑयल प्राइसेज बढ़ गए हैं और स्टॉक इंडेक्स में वोलैटिलिटी दिख रही है क्योंकि इन्वेस्टर्स एक बड़े कॉन्फ्लिक्ट के इकोनॉमिक इम्पैक्ट का अंदाजा लगा रहे हैं।