AI रेगुलेशन बिल पर पार्लियामेंट में जबरदस्त बहस, ऑपोजिशन ने उठाए सवाल!
गवर्नमेंट का नया AI रेगुलेशन बिल पार्लियामेंट में आ गया है, जिस पर ऑपोजिशन ने तुरंत सवाल उठा दिए हैं। बिल को लेकर काफी टेंशन है।
गवर्नमेंट का मच-अवेटेड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रेगुलेशन बिल 2024 आज पार्लियामेंट में पेश किया गया, और आते ही इस पर जबरदस्त बहस छिड़ गई। इस बिल का मकसद तेजी से ग्रो कर रहे AI सेक्टर के लिए एक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाना है, जिसमें डेटा प्राइवेसी, एल्गोरिथमिक बायस से लेकर नेशनल सिक्योरिटी तक के इश्यूज कवर किए गए हैं।
पर, इस बिल को तुरंत कई ऑपोजिशन पार्टीज और टेक एडवोकेसी ग्रुप्स से विरोध का सामना करना पड़ा। क्रिटिक्स का कहना है कि इसके ब्रॉड डेफिनेशन्स और स्ट्रिक्ट कंप्लायंस रिक्वायरमेंट्स इनोवेशन को रोक सकते हैं और स्टार्टअप्स पर नेगेटिव इम्पैक्ट डाल सकते हैं। एमपी प्रिया शर्मा ने सेशन के दौरान कहा, "यह बिल, अपने करंट फॉर्म में, एक ओवररीच है जो हमारी बढ़ती टेक इंडस्ट्री को क्रिपल कर सकता है।"
दूसरी तरफ, गवर्नमेंट ऑफिशियल्स का कहना है कि यह बिल सिटीजन्स को सेफ रखने और रिस्पॉन्सिबल AI डेवलपमेंट के लिए एक जरूरी स्टेप है। टेक्नोलॉजी मिनिस्टर, रोहन कपूर ने जोर देकर कहा, "हमें इनोवेशन और अकाउंटेबिलिटी के बीच बैलेंस बनाना होगा। यह बिल एक सिक्योर और एथिकल AI इकोसिस्टम बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, ताकि हमारे सिटीजन्स को मिसयूज़ से बचाया जा सके और ट्रांसपेरेंसी बनी रहे।" इस बहस के कई हफ्तों तक चलने की उम्मीद है, और अमेंडमेंट्स भी हो सकते हैं।