इंडिया में 'यूनिटी एक्सप्रेस' हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर इनॉग्रेट, कनेक्टिविटी को मिलेगा बूस्ट!
इंडिया ने आज 'यूनिटी एक्सप्रेस' हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का इनॉग्रेशन किया है, जो देश के इकोनॉमिक हब्स को जोड़ेगा। इससे ट्रैवल टाइम कम होगा और इकोनॉमिक ग्रोथ को बूस्ट मिलेगा।
नेशनल डेवलपमेंट के लिए एक बहुत इम्पोर्टेंट इवेंट में, प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने आज 'यूनिटी एक्सप्रेस' हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऑफिशियली इनॉग्रेशन किया। यह एक पिवोटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है जिसका मकसद इंडिया में इंटर-सिटी ट्रैवल को रिवॉल्यूशनइज करना है। 800 किलोमीटर का यह स्ट्रेच, जो शेड्यूल से पहले कम्प्लीट हो गया है, मुंबई, अहमदाबाद और दिल्ली जैसे बिजी मेट्रोपॉलिस को कनेक्ट करता है, और ट्रैवल टाइम को आधे से ज्यादा कम करने का प्रॉमिस करता है।
इस प्रोजेक्ट में कटिंग-एज जापानी शिंकानसेन टेक्नोलॉजी का यूज़ किया गया है, और यह इंडिया के ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क के लिए एक बड़ा स्टेप है। फास्टर कम्यूट्स के इमीडिएट बेनिफिट के अलावा, इकोनॉमिस्ट्स प्रेडिक्ट करते हैं कि 'यूनिटी एक्सप्रेस' रीजनल इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए एक पावरफुल कैटेलिस्ट का काम करेगा, गुड्स और सर्विसेज की इजी मूवमेंट को फैसिलिटेट करेगा, और अपने रूट के साथ वाले एरियाज में नए इन्वेस्टमेंट्स को अट्रैक्ट करेगा। नव-निर्मित मुंबई सेंट्रल हाई-स्पीड रेल टर्मिनल पर हजारों लोग इनॉग्रल जर्नी देखने के लिए इकट्ठा हुए।
"यह सिर्फ एक रेलवे लाइन से बढ़कर है; यह एक न्यू इंडिया का सिंबल है, एक ऐसा इंडिया जो बड़े सपने देखता है और उनसे भी बड़ा अचीव करता है," पीएम मोदी ने इनॉग्रेशन सेरेमनी के दौरान कहा, और नेशनल इंटीग्रेशन और टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट में प्रोजेक्ट के रोल पर जोर दिया। गवर्नमेंट का प्लान है कि अगले डिकेड में हाई-स्पीड नेटवर्क को दूसरी मेजर सिटीज तक बढ़ाया जाए, जिससे मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर में ग्लोबल लीडर के तौर पर इंडिया की पोजीशन और मजबूत होगी।