गवर्नमेंट ने नया क्लाइमेट चेंज बिल इंट्रोड्यूस किया, ऑपोज़िशन ने उठाए सवाल!
गवर्नमेंट ने आज एक बड़ा क्लाइमेट चेंज बिल पेश किया है, जिसका टारगेट 2030 तक कार्बन एमिशन कम करना है। ऑपोज़िशन पार्टीज़ इस बिल के इकोनॉमिक इम्पैक्ट और टाइमलाइन पर सवाल उठा रही हैं।
गवर्नमेंट ने आज पार्लियामेंट में अपना नया क्लाइमेट चेंज बिल पेश किया है। इस बिल में 2030 तक कार्बन एमिशन कम करने के लिए बड़े टारगेट्स सेट किए गए हैं और रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन टेक्नोलॉजी में इन्वेस्टमेंट पर फोकस किया गया है। गवर्नमेंट का कहना है कि ये फ्यूचर के लिए बहुत इम्पोर्टेंट है।
लेकिन, इस बिल को लेकर ऑपोज़िशन पार्टीज़ में काफी टेंशन है। ऑपोज़िशन लीडर्स का कहना है कि ये बिल इंडस्ट्रीज़ और कॉमन लोगों पर बहुत बर्डन डालेगा और इसकी टाइमलाइन बहुत अग्रेसिव है, जिससे इकोनॉमिक प्रॉब्लम हो सकती हैं। आने वाले हफ्तों में इस पर और डिबेट्स होने की उम्मीद है।
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बिल का इंटेंट तो अच्छा है, पर इसे सक्सेसफुली पास करना और इम्प्लीमेंट करना एक बड़ा चैलेंज होगा। गवर्नमेंट को एनवायरनमेंट और इकोनॉमी के बीच बैलेंस बनाना होगा। पब्लिक से भी फीडबैक लेने के लिए कंसल्टेशन प्रोसेस जल्दी ही स्टार्ट होगा।