क्लाइमेट बिल कांग्रेस में पास, पर सीनेट में अभी भी प्रॉब्लम
एक बड़ा क्लाइमेट चेंज बिल हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पास हो गया है। ये एनवायरनमेंट पॉलिसी के लिए एक बड़ा स्टेप है, लेकिन सीनेट में इसे अभी भी काफी चैलेंज फेस करने पड़ सकते हैं।
कल 'ग्रीन फ्यूचर एक्ट' नाम का एक बड़ा क्लाइमेट चेंज बिल हाउस में पास हो गया। ये बिल कार्बन एमिशन कम करने और रिन्यूएबल एनर्जी में इन्वेस्ट करने के लिए बनाया गया है। सपोर्टर्स ने इस वोट को क्लाइमेट क्राइसिस से निपटने के लिए एक इंपॉर्टेंट स्टेप बताया और कहा कि इससे नई जॉब्स क्रिएट होंगी और टेक्नोलॉजी में भी हेल्प मिलेगी।
लेकिन, इस सेलिब्रेशन के बीच सीनेट में आने वाली मुश्किलों की टेंशन भी है, जहां इस बिल को पास कराना और भी मुश्किल होगा। कंजरवेटिव सीनेटर पहले ही इसके खिलाफ बोल चुके हैं, उन्होंने इकोनॉमिक इम्पेक्ट और ट्रेडिशनल इंडस्ट्रीज में जॉब लॉस की चिंता जताई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सीनेट में इस बिल को लेकर काफी लॉबिंग और अमेंडमेंट्स देखने को मिल सकते हैं।
एनवायरनमेंट ग्रुप्स जल्दी एक्शन की डिमांड कर रहे हैं, क्लाइमेट सिचुएशन की अर्जेंसी पर जोर दे रहे हैं। एडमिनिस्ट्रेशन भी बिल के लिए बाइपार्टिसन सपोर्ट पाने के लिए पूरी मेहनत कर रहा है, और नेशनल सिक्योरिटी व पब्लिक हेल्थ के लिए इसके लॉन्ग-टर्म बेनिफिट्स बता रहा है। आने वाले वीक्स इस बड़े लेजिस्लेशन के फ्यूचर के लिए बहुत क्रिटिकल होंगे।