गवर्नमेंट ने रूरल कनेक्टिविटी के लिए नया इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट लॉन्च किया!
इंडियन गवर्नमेंट ने आज एक मैसिव नया इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट इनॉग्रेट किया है, जिसका मकसद कई स्टेट्स में रूरल कनेक्टिविटी को सिग्निफिकेंटली इम्प्रूव करना है। यह इनिशिएटिव नई रोड्स, ब्रिजेज और डिजिटल नेटवर्क्स बनाने पर फोकस करेगा, जिससे रिमोट एरियाज में लाखों लोगों की लाइफ ट्रांसफॉर्म होगी।
न्यू दिल्ली – इंक्लूसिव डेवलपमेंट की तरफ एक सिग्निफिकेंट मूव में, इंडियन गवर्नमेंट ने आज ऑफिशियली 'ग्रामीण प्रगति योजना' लॉन्च की है, यह एक मल्टी-बिलियन डॉलर का इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है जिसे रूरल और सेमी-अर्बन रीजन्स में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने इनॉग्रेशन सेरेमनी में बोलते हुए, इस प्रोजेक्ट की पोटेंशियल पर जोर दिया कि यह मार्केट्स, एजुकेशन और हेल्थकेयर फैसिलिटीज तक बेहतर एक्सेस प्रोवाइड करके अर्बन-रूरल डिवाइड को खत्म कर सकता है।
यह एंबिशियस स्कीम, जिसे पांच साल के अंदर पूरा करने का प्लान है, में 50,000 किलोमीटर से ज्यादा ऑल-वेदर रोड्स, 2,000 नए ब्रिजेज का कंस्ट्रक्शन और 10,000 विलेजेस तक हाई-स्पीड फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क्स का एक्सपेंशन शामिल है। फंडिंग के लिए सेंट्रल गवर्नमेंट एलोकेशंस, स्टेट कॉन्ट्रिब्यूशंस और इंटरनेशनल डेवलपमेंट लोन्स के कॉम्बिनेशन से आएगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर में यह पुश रूरल इकोनॉमी को बूस्ट करने और एम्प्लॉयमेंट अपॉर्चुनिटीज क्रिएट करने के लिए क्रूशियल है।
लोकल कम्युनिटीज ने 'ग्रामीण प्रगति योजना' को लेकर बहुत ऑप्टिमिज्म एक्सप्रेस किया है, एसेंशियल सर्विसेज और नई इकोनॉमिक अपॉर्चुनिटीज तक इम्प्रूव्ड एक्सेस की उम्मीद कर रहे हैं। गवर्नमेंट ने प्रोजेक्ट की ट्रांसपेरेंसी और एफिशिएंट एग्जीक्यूशन को एन्श्योर करने की अपनी कमिटमेंट भी बताई है, जिसमें रेगुलर प्रोग्रेस रिपोर्ट्स पब्लिक की जाएंगी। इस इनिशिएटिव को डिजिटली एम्पावर्ड और इकोनॉमिकली वाइब्रेंट रूरल इंडिया के लिए गवर्नमेंट के ब्रॉडर विजन का एक कॉर्नरस्टोन माना जा रहा है।