इंडिया ने 'डिजिटल विलेजेज' इनिशिएटिव लॉन्च किया, रूरल-अर्बन गैप कम होगा!
इंडियन गवर्नमेंट ने एक नया 'डिजिटल विलेजेज' इनिशिएटिव लॉन्च किया है, जिसका एम रूरल एरियाज को टेक-इनेबल्ड हब बनाना है। इस प्रोग्राम में रिमोट कम्युनिटीज को हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल लिटरेसी और ई-गवर्नेंस सर्विसेज मिलेंगी।
आज प्राइम मिनिस्टर के ऑफिस ने इस बड़े प्रोजेक्ट का अनाउंसमेंट किया, जिसमें अंडरसर्व्ड रीजन्स में लाखों लोगों को एम्पावर करने की बात कही गई। पहले फेज में अलग-अलग स्टेट्स के 10,000 विलेजेज को टारगेट किया जाएगा, जहाँ फाइबर ऑप्टिक कनेक्टिविटी और कम्युनिटी डिजिटल सेंटर्स बनाए जाएंगे।
इस इनिशिएटिव में डिजिटल लिटरेसी के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम्स भी शामिल हैं, जिससे विलेजर्स ऑनलाइन एजुकेशन, हेल्थकेयर और फाइनेंशियल सर्विसेज एक्सेस कर पाएंगे। इसका एम छोटे बिजनेसेस को ऑनलाइन ऑपरेट करने में हेल्प करके लोकल एंटरप्रेन्योरशिप को भी प्रमोट करना है, जिससे रूरल इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा।
कुछ लोगों ने विजन की तारीफ की है, पर उन्होंने इंप्लीमेंटेशन की प्रॉब्लम्स पर भी सवाल उठाए हैं, खासकर रिमोट एरियाज में और सबको बराबर एक्सेस मिलने पर। हालांकि, गवर्नमेंट ने एक स्ट्रॉन्ग मॉनिटरिंग सिस्टम और प्राइवेट टेक फर्म्स के साथ कोलेबोरेशन का भरोसा दिलाया है ताकि इन प्रॉब्लम्स को सॉल्व किया जा सके, यह 'डिजिटल इंडिया' की तरफ एक बड़ा स्टेप है।