इंडिया ने रूरल एम्पावरमेंट के लिए 'ग्रामीण उदय' स्कीम लॉन्च की
आज इंडियन गवर्नमेंट ने 'ग्रामीण उदय' स्कीम लॉन्च की है, जो रूरल डेवलपमेंट और एम्पावरमेंट के लिए एक नया और बड़ा इनिशिएटिव है। ये स्कीम इंडिया के विलेजेस में इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर, एजुकेशन और इकॉनमिक अपॉर्चुनिटीज़ को इम्प्रूव करने पर फोकस करती है।
इंडियन गवर्नमेंट ने अपने रूरल एरियाज़ को स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए आज ऑफिशियली 'ग्रामीण उदय' स्कीम लॉन्च की है। प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने एक वर्चुअल एड्रेस में इस स्कीम के पोटेंशियल पर जोर दिया, कहा कि ये अर्बन-रूरल डिवाइड को कम करके और विलेजेस में सेल्फ-रिलायंस को बढ़ाकर लाखों लोगों की लाइफ को ट्रांसफॉर्म कर सकती है।
'ग्रामीण उदय' स्कीम को कई की पिलर्स के साथ डिज़ाइन किया गया है। इसमें विलेज रोड्स के लिए ज्यादा फंडिंग, क्लीन ड्रिंकिंग वाटर और सैनिटेशन फैसिलिटीज़ तक इम्प्रूव्ड एक्सेस, प्राइमरी हेल्थकेयर सेंटर्स को अपग्रेड करना और डिजिटल लिटरेसी प्रोग्राम्स एस्टैब्लिश करना शामिल है। इसके अलावा, इसका मकसद स्किल डेवलपमेंट इनिशिएटिव्स और स्मॉल-स्केल इंडस्ट्रीज़ व एग्रीकल्चरल इनोवेशन्स को सपोर्ट करके लोकल इकॉनमीज़ को बूस्ट करना भी है।
गवर्नमेंट ने स्कीम के इनिशियल फेज के लिए एक बड़ा बजट एलोकेट किया है, जिसमें सभी स्टेट्स में फेज़्ड इम्प्लीमेंटेशन का प्लान है। ऑफिशियल्स का कहना है कि 'ग्रामीण उदय' की सक्सेस के लिए कम्युनिटी पार्टिसिपेशन बहुत इम्पोर्टेंट होगा, ताकि प्रोजेक्ट्स लोकल पापुलेशन की स्पेसिफिक नीड्स और एस्पिरेशन्स के हिसाब से हों। इस इनिशिएटिव से इंडिया की इंक्लूसिव ग्रोथ की जर्नी में एक बड़ा रोल प्ले करने की एक्सपेक्टेशन है।