इंडिया ने लॉन्च किया 'ग्रीन हाइड्रोजन मिशन', रिन्यूएबल एनर्जी को मिलेगा बड़ा बूस्ट!

India1 hour agoSource: National Voice
इंडिया ने लॉन्च किया 'ग्रीन हाइड्रोजन मिशन', रिन्यूएबल एनर्जी को मिलेगा बड़ा बूस्ट!

इंडिया ने अपना एम्बिशियस 'ग्रीन हाइड्रोजन मिशन' ऑफिशियली लॉन्च कर दिया है, जिसका मकसद देश को ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट का ग्लोबल हब बनाना है। इस प्रोजेक्ट से इंडिया का रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांजिशन काफी स्पीड पकड़ेगा।

इंडियन गवर्नमेंट ने आज 'नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन' को अनवील किया, जो एनर्जी इंडिपेंडेंस अचीव करने और क्लाइमेट चेंज से लड़ने की तरफ एक मॉन्यूमेंटल स्टेप है। यह मिशन ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन को स्केल अप करने, फॉसिल फ्यूल्स पर डिपेंडेंस कम करने और नए इकोनॉमिक अपॉर्चुनिटीज क्रिएट करने के लिए एक कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजी आउटलाइन करता है। यह इनिशिएटिव सब्सटेंशियल गवर्नमेंट फंडिंग और पॉलिसी सपोर्ट से बैक्ड है, जिसका मकसद इंडिया को ग्लोबल ग्रीन एनर्जी रेवोल्यूशन में सबसे आगे रखना है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस मिशन का सक्सेसफुल इम्प्लीमेंटेशन इंडिया के एनर्जी लैंडस्केप को ट्रांसफॉर्म कर सकता है, जिससे यह ग्रीन हाइड्रोजन का नेट एक्सपोर्टर और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजीज में लीडर बन जाएगा। इस प्लान में इलेक्ट्रोलाइजर्स की डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए इंसेंटिव्स, ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन फैसिलिटीज का डेवलपमेंट और एक्सपोर्ट कॉरिडोर्स का एस्टैब्लिशमेंट शामिल है। यह प्रोडक्शन कॉस्ट कम करने और एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट पर भी जोर देता है।

यह मिशन अगले दस सालों में मिलियंस ऑफ जॉब्स क्रिएट करने, सिग्निफिकेंट फॉरेन इन्वेस्टमेंट अट्रैक्ट करने और कार्बन एमिशन को ड्रास्टिकली कम करने का प्रोजेक्टेड है। हालांकि, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और कॉस्ट कॉम्पिटिटिवनेस जैसी चैलेंजेस अभी भी बाकी हैं, गवर्नमेंट अपने टारगेट्स को अचीव करने में स्ट्रॉन्ग कॉन्फिडेंस एक्सप्रेस करती है। इस बोल्ड मूव को इंडिया की लॉन्ग-टर्म एनवायरमेंटल और इकोनॉमिक स्ट्रैटेजी का एक क्रूशियल कॉम्पोनेंट माना जाता है, जो एक ग्रीनर फ्यूचर का रास्ता बनाता है।