इंडियन गवर्नमेंट ने रूरल डिजिटल लिटरेसी के लिए नया इनिशिएटिव लॉन्च किया!
इंडियन गवर्नमेंट ने रूरल एरियाज में डिजिटल लिटरेसी बढ़ाने के लिए एक नया और बड़ा इनिशिएटिव अनाउंस किया है। इस प्रोग्राम में फ्री ट्रेनिंग मॉड्यूल्स और सब्सिडाइज्ड इंटरनेट एक्सेस शामिल हैं। इसका मेन गोल डिजिटल डिवाइड को कम करना और लाखों लोगों को टेक स्किल्स सिखाना है। इससे सोशियो-इकोनॉमिक डेवलपमेंट होने की उम्मीद है।
न्यू दिल्ली, इंडिया – इंडियन गवर्नमेंट ने आज 'डिजिटल गाँव' नाम के एक एंबिशियस नए प्रोग्राम को लॉन्च करने का अनाउंसमेंट किया है, जिसका मेन गोल कंट्री के बड़े रूरल रीजन्स में डिजिटल लिटरेसी और कनेक्टिविटी को सिग्निफिकेंटली बढ़ाना है। यह इनिशिएटिव गवर्नमेंट के हर सिटीजन को एसेंशियल टेक्नोलॉजिकल स्किल्स से एम्पावर करने और डिजिटल इकोनॉमी तक इक्विटेबल एक्सेस एन्श्योर करने के बड़े विजन का एक इंपॉर्टेंट पार्ट है।
'डिजिटल गाँव' प्रोग्राम के अंडर, लाखों रूरल रेजिडेंट्स को बेसिक कंप्यूटर ऑपरेशंस, इंटरनेट यूसेज और साइबर सिक्योरिटी बेस्ट प्रैक्टिसेज में फ्री ट्रेनिंग मिलेगी। गवर्नमेंट ने गांवों में 100,000 से ज्यादा कम्युनिटी डिजिटल सेंटर्स एस्टैब्लिश करने का प्लान बनाया है, जो कंप्यूटर्स और हाई-स्पीड इंटरनेट से इक्विप्ड होंगे। इसके अलावा, हाउसहोल्ड्स को सब्सिडाइज्ड इंटरनेट एक्सेस भी प्रोवाइड किया जाएगा, जिससे ऑनलाइन सर्विसेज ज्यादा अफोर्डेबल और एक्सेसिबल बनेंगी।
ऑफिशियल्स का कहना है कि प्रोग्राम का लॉन्ग-टर्म गोल अर्बन और रूरल इंडिया के बीच मौजूद डिजिटल डिवाइड को कम करना है, जिससे ऑनलाइन एजुकेशन, ई-कॉमर्स और डिजिटल गवर्नेंस में ज्यादा पार्टिसिपेशन को बढ़ावा मिलेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कदम रूरल एरियाज में एक बहुत बड़ा इकोनॉमिक पोटेंशियल अनलॉक कर सकता है, जिससे जॉब क्रिएशन और लाइवलीहुड्स में इम्प्रूवमेंट होगा। यह इनिशिएटिव अगले दो सालों में फेज में रोल आउट होने वाला है, जिसमें कई स्टेट्स में पायलट प्रोजेक्ट्स पहले से ही चल रहे हैं।