इंडियन गवर्नमेंट ने रूरल कनेक्टिविटी के लिए नया "डिजिटल गाँव" इनिशिएटिव लॉन्च किया

इंडिया3 hours agoSource: National Voice
इंडियन गवर्नमेंट ने रूरल कनेक्टिविटी के लिए नया "डिजिटल गाँव" इनिशिएटिव लॉन्च किया

इंडियन गवर्नमेंट ने एक बड़ा इनिशिएटिव, "डिजिटल गाँव," लॉन्च किया है, जिसका मकसद रूरल एरियाज़ के लाखों लोगों को हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल सर्विसेज देकर डिजिटल डिवाइड को कम करना है। ये प्रोजेक्ट गाँव की इकोनॉमी को बदलने और लोकल कम्युनिटीज को एम्पावर करने का प्रॉमिस करता है।

न्यू दिल्ली – इंक्लूसिव ग्रोथ की तरफ एक बड़े स्टेप में, इंडियन गवर्नमेंट ने आज अपना एंबिशियस "डिजिटल गाँव" प्रोग्राम लॉन्च किया है, जिसे कंट्री के सबसे दूर के एरियाज़ तक स्ट्रॉन्ग डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री की लीडरशिप में ये इनिशिएटिव, थाउजेंड्स ऑफ विलेजेस में फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क्स, कम्युनिटी वाई-फाई हॉटस्पॉट्स और डिजिटल लिटरेसी प्रोग्राम्स को रोल आउट करने का प्लान कर रहा है।

प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने प्रोग्राम को इनॉग्रेट करते हुए रूरल इंडिया को बदलने की इसकी पोटेंशियल पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "डिजिटल गाँव सिर्फ कनेक्टिविटी के बारे में नहीं है; ये एम्पावरमेंट के बारे में है। ये हमारे फार्मर्स को तुरंत मार्केट प्राइसेज एक्सेस करने, हमारे स्टूडेंट्स को ऑनलाइन पढ़ने और हमारे एंटरप्रेन्योर्स को ग्लोबल कस्टमर्स तक पहुंचने में हेल्प करेगा।" प्रोजेक्ट का पहला फेज अगले दो सालों में 5,000 से ज्यादा विलेजेस को कवर करने की उम्मीद है।

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ये इनिशिएटिव इंडिया के सोशियो-इकोनॉमिक लैंडस्केप के लिए एक गेम-चेंजर हो सकता है, जिससे पहले से ही अन-सर्व्ड एरियाज़ में इनोवेशन और नए ऑपर्च्युनिटीज क्रिएट होंगे। गवर्नमेंट ने प्राइवेट टेलीकॉम कंपनीज और लोकल सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स के साथ पार्टनरशिप की है ताकि डिजिटल टूल्स का एफिशिएंट इम्प्लीमेंटेशन और सस्टेनेबल एडॉप्शन हो सके, जिसका एम हर गाँव को एक ट्रूली 'स्मार्ट' गाँव बनाना है।