क्लाइमेट बिल को सीनेट में झटका, बाइपार्टी सपोर्ट पर सवाल!

पॉलिटिक्स1 hour agoSource: National Voice
क्लाइमेट बिल को सीनेट में झटका, बाइपार्टी सपोर्ट पर सवाल!

एक इम्पोर्टेन्ट क्लाइमेट बिल, जो दोनों पार्टीज के सपोर्ट से पास होने वाला था, आज सीनेट में अटक गया। कुछ रूल्स पर डिसएग्रीमेंट के कारण इसका फ्यूचर अब अनसर्टेन लग रहा है और बाइपार्टी कोऑपरेशन पर भी सवाल उठ रहे हैं।

एक बहुत ही इम्पोर्टेन्ट बाइपार्टी क्लाइमेट बिल, जिसे अगले दस सालों में कार्बन एमिशन 30% कम करने के लिए बनाया गया था, आज यूएस सीनेट में एक बड़े प्रॉब्लम में फंस गया। यह "ग्रीन फ्यूचर एक्ट", एनवायरनमेंट पॉलिसी पर डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स के बीच एक रेयर कोऑपरेशन का एक्जाम्पल था, फाइनल वोट के लिए रेडी था, लेकिन कुछ रेगुलेटरी एन्फोर्समेंट मैकेनिज्म पर डिसप्यूट के कारण यह रुक गया।

नेगोशिएशन्स से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक, मॉडरेट सेनेटरों के एक ग्रुप ने लास्ट-मिनट में एक अमेंडमेंट प्रपोज़ किया था, जिसमें कुछ इंडस्ट्रियल एमिशन स्टैंडर्ड्स को थोड़ा लूज करने की बात थी। जहां इसके सपोर्टर्स ने इसे जॉब्स और इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए इम्पोर्टेन्ट बताया, वहीं एनवायरनमेंट एडवोकेसी ग्रुप्स और डेमोक्रेटिक पार्टी के एक बड़े सेक्शन ने इसे रिजेक्ट कर दिया, यह कहते हुए कि यह बिल के मेन ऑब्जेक्टिव्स को वीक कर देगा।

इस अचानक आए ब्लॉकेज ने बिल के फ्यूचर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीनेट मेजॉरिटी लीडर ने कहा है कि और नेगोशिएशन्स की जरूरत है। यह डिले न केवल एक क्रिटिकल एनवायरनमेंट लेजिस्लेशन को खतरे में डालता है, बल्कि कॉम्प्लेक्स नेशनल इश्यूज पर बाइपार्टी एफर्ट्स की लॉन्ग-टर्म वायबिलिटी पर भी सवाल उठाता है। पॉलिटिकल एनालिस्ट्स का मानना है कि इन डिफरेंसेज को सॉल्व न कर पाने से अपकमिंग इलेक्शंस पर बड़ा इम्पैक्ट पड़ सकता है।