इंडिया ने नया 'ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर' प्रोजेक्ट लॉन्च किया, रिन्यूएबल पावर को मिलेगा बड़ा बूस्ट
इंडिया ने आज अपना एम्बिशियस 'ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर' प्रोजेक्ट अनवील किया है। यह एक मैसिव इनिशिएटिव है जिसका एइम कंट्री की रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी को तेजी से बढ़ाना और सस्टेनेबल पावर सप्लाई एन्श्योर करना है। यह मल्टी-स्टेट प्रोजेक्ट नेशनल ग्रिड में बहुत सारी ग्रीन एनर्जी को इंटीग्रेट करेगा।
सस्टेनेबल डेवलपमेंट की ओर एक बड़े पुश में, इंडियन गवर्नमेंट ने आज ऑफिशियली 'ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर' प्रोजेक्ट लॉन्च किया है। यह एक मोनुमेंटल अंडरटेकिंग है जिसे नेशनल ग्रिड में लगभग 20,000 MW रिन्यूएबल पावर को इंटीग्रेट करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस प्रोजेक्ट में राजस्थान, गुजरात और तमिलनाडु जैसे सोलर और विंड एनर्जी जनरेशन में हाई पोटेंशियल वाले कई स्टेट्स में एक्सटेंसिव ट्रांसमिशन लाइन्स और सबस्टेशंस बनाना शामिल है।
यह इनिशिएटिव इंडिया के क्लाइमेट गोल्स को अचीव करने और फॉसिल फ्यूल्स पर उसकी डिपेंडेंस को कम करने के लिए एक क्रिटिकल स्टेप है। रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन के लिए रोबस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एस्टैब्लिश करके, यह प्रोजेक्ट न केवल रिमोट जनरेशन साइट्स से ग्रीन पावर के इवैक्यूएशन को फैसिलिटेट करेगा, बल्कि ग्रिड को स्टेबलाइज भी करेगा और ट्रांसमिशन लॉसेस को कम करेगा। यह क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी और प्रोडक्शन में ग्लोबल लीडर बनने के कंट्री के ब्रॉडर विजन के साथ अलाइन करता है।
ऑफिशियल्स ने इस बात पर जोर दिया कि 'ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर' सिग्निफिकेंट डोमेस्टिक और इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट को अट्रैक्ट करेगा, जिससे मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और ऑपरेशन्स में बहुत सारी जॉब ऑपरच्यूनिटीज क्रिएट होंगी। इस प्रोजेक्ट से इंडिया की एनर्जी सिक्योरिटी में सिग्निफिकेंटली कंट्रीब्यूट करने, क्लीनर एयर प्रोवाइड करने और उसके सिटीजन्स के लिए ओवरऑल क्वालिटी ऑफ लाइफ इम्प्रूव करने की उम्मीद है। इसकी सक्सेसफुल इम्प्लीमेंटेशन दूसरे डेवलपिंग नेशंस के लिए एक ब्लूप्रिंट के रूप में काम कर सकती है जो ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन के लिए स्ट्राइव कर रहे हैं।