इंडियन गवर्नमेंट ने लॉन्च किया 'स्मार्ट विलेज' प्रोजेक्ट, रूरल डेवलपमेंट को मिलेगा बूस्ट!
इंडियन गवर्नमेंट ने एक नया, एंबिशियस 'स्मार्ट विलेज' प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसका मकसद रूरल एरियाज को डिजिटल कनेक्टिविटी, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर और बेटर पब्लिक सर्विसेज के साथ ट्रांसफॉर्म करना है। यह मल्टी-फेज प्रोजेक्ट पहले पायलट रीजन्स में शुरू होगा।
न्यू दिल्ली — इंडियन गवर्नमेंट ने आज अपने एंबिशियस 'स्मार्ट विलेज' इनिशिएटिव को लॉन्च करने का अनाउंसमेंट किया है। यह एक फ्लैगशिप प्रोग्राम है जिसे पूरे देश के रूरल एरियाज में कॉम्प्रिहेंसिव डेवलपमेंट लाने के लिए डिजाइन किया गया है। इस प्रोजेक्ट का मकसद विलेज लाइफ में मॉडर्न टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज को इंटीग्रेट करना है, जिसमें डिजिटल लिटरेसी, इंप्रूव्ड हेल्थकेयर, क्वालिटी एजुकेशन और रोबस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस किया जाएगा।
इस इनिशिएटिव के तहत, सिलेक्टेड विलेजेस को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी में अपग्रेड मिलेगा, डिजिटल सर्विस सेंटर्स बनेंगे, और स्मार्ट एग्रीकल्चरल प्रैक्टिसेज इम्प्लीमेंट की जाएंगी। रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस, वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम्स और लोकल नीड्स के हिसाब से स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स पर भी स्ट्रॉन्ग एम्फेसिस रहेगा। प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने प्रोग्राम को अनवील करते हुए कहा, "हमारे विलेजेस इंडिया की सोल हैं। यह इनिशिएटिव उन्हें 21वीं सेंचुरी के टूल्स से एम्पावर करेगा, जिससे सबके लिए इंक्लूसिव ग्रोथ और प्रॉस्पेरिटी एश्योर होगी।"
'स्मार्ट विलेज' इनिशिएटिव को फेज में रोल आउट करने की उम्मीद है, जिसमें शुरुआत में अलग-अलग स्टेट्स के 500 पायलट विलेजेस पर फोकस किया जाएगा। गवर्नमेंट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप्स (PPPs) का यूज करके प्रोजेक्ट्स के एफिशिएंट एग्जीक्यूशन और सस्टेनेबिलिटी को एश्योर करने का प्लान कर रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यह सक्सेसफुल रहा, तो यह प्रोग्राम अर्बन-रूरल डिवाइड को सिग्निफिकेंटली ब्रिज कर सकता है और रूरल इंडिया के सोशियो-इकोनॉमिक लैंडस्केप को ट्रांसफॉर्म कर सकता है, साथ ही दूसरी इमर्जिंग इकोनॉमीज के लिए डेवलपमेंट का एक ब्लूप्रिंट भी ऑफर करेगा।