इंडिया में नया 'ग्रीन कॉरिडोर' हाईवे प्रोजेक्ट लॉन्च, इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बूस्ट!
इंडिया की गवर्नमेंट ने एक नया बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर इनिशिएटिव, 'ग्रीन कॉरिडोर' हाईवे प्रोजेक्ट अनाउंस किया है, जिसका मकसद नेशनल कनेक्टिविटी को बढ़ाना और एनवायर्नमेंटल सस्टेनेबिलिटी को प्रायोरिटी देना है। यह मल्टी-बिलियन डॉलर का प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन और ऑपरेशन के दौरान इको-फ्रेंडली प्रैक्टिसेज को इंटीग्रेट करेगा।
अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्नाइज करने और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को अपनाने के लिए एक बड़े स्टेप में, इंडियन गवर्नमेंट ने आज एंबिशियस 'ग्रीन कॉरिडोर' हाईवे प्रोजेक्ट को अनवील किया। नए हाईवेज और अपग्रेडेड रूट्स का यह एक्सटेंसिव नेटवर्क हजारों किलोमीटर में फैलेगा, जो कंट्री के इम्पोर्टेंट इकोनॉमिक हब्स और रिमोट रीजन्स को कनेक्ट करेगा। यह प्रोजेक्ट सिर्फ स्पीड और एफिशिएंसी के लिए नहीं, बल्कि अपने इकोलॉजिकल फुटप्रिंट को कम करने पर भी फोकस करता है।
यूनियन मिनिस्टर फॉर रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज, नितिन गडकरी ने बताया कि 'ग्रीन कॉरिडोर' में कटिंग-एज एनवायर्नमेंटल टेक्नोलॉजीज शामिल होंगी, जैसे सोलर-पावर्ड लाइटिंग, रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम्स और रूट्स के किनारे एक्सटेंसिव ट्री प्लांटेशन ड्राइव्स। लोकल इकोसिस्टम्स को प्रोटेक्ट करने के लिए वाइल्डलाइफ क्रॉसिंग्स और नॉइज बैरियर्स के लिए भी स्पेशल प्रोविजंस किए जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट से कंस्ट्रक्शन फेज में लाखों जॉब्स क्रिएट होने और लॉजिस्टिक्स और ट्रेड को इम्प्रूव करके रीजनल इकोनॉमीज़ को सिग्निफिकेंटली बूस्ट मिलने की उम्मीद है।
'ग्रीन कॉरिडोर' के लिए फंडिंग गवर्नमेंट एलोकेशंस, प्राइवेट इन्वेस्टमेंट्स और इंटरनेशनल लोन्स के मिक्स से आएगी, जो इसकी सक्सेस के लिए एक ब्रॉड कमिटमेंट को दिखाता है। यह इनिशिएटिव सस्टेनेबल इन्फ्रास्ट्रक्चर में ग्लोबल लीडर बनने की इंडिया की जर्नी में एक सिग्निफिकेंट स्टेप है। लैंड एक्विजिशन और एग्जीक्यूशन में चैलेंज्स की उम्मीद है, लेकिन गवर्नमेंट इस ट्रांसफॉर्मेटिव प्रोजेक्ट को शेड्यूल पर और बजट के अंदर डिलीवर करने की अपनी एबिलिटी में कॉन्फिडेंस एक्सप्रेस करती है, जो नेशन के लिए कनेक्टिविटी के एक नए एरा का प्रॉमिस करता है।